मुड़मा मेला का समापन आज, सीएम हेमंत सोरेन रहेंगे मौजूद
न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: रांची के मांडर में राज्य के प्रसिद्ध मुड़मा मेला का समापन आज होगा. इस मौके पर सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शिरकत करेंगे. पारंपरिक मुड़मा मेला की शुरुआत 8 अक्टूबर हो की गई थी.
बता दें कि हिंदी पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक महीने के पहले दिन से मेला शुरू होता है और दो दिन तक चलता है. आदिवासियों की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक मुड़मा जतरा मेला एक अद्वितीय आयोजन किया जाता है. मेले की शुरुआत सबसे पहले पाहन (पुजारी) द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ होती है. पूजा के बाद 40 पाड़हा (गांव समूह) के लोग अपने पारंपरिक वस्त्र पहनकर जुलूस निकालते हैं. मांदर की थाप पर नृत्य कर लोग अपनी पारंपरिक पहचान और एकता का प्रदर्शन करते हैं.
मुड़मा का इतिहास
मुड़मा मेले की उत्पत्ति के बारे में कोई लिखित प्रमाण नहीं मिलता, लेकिन लोकगीतों और किवदंतियों के अनुसार, यह मेला उरांव जनजाति के पलायन से संबंधित है. कहा जाता है कि जब मुगलों ने रोहतासगढ़ पर कब्जा किया, तब उरांव समुदाय को अपने निवास स्थान को छोड़ना पड़ा. वे सोन नदी पार करते हुए पलामू से होते हुए वर्तमान रांची जिले के मुड़मा क्षेत्र में पहुंचे. यहां उनकी भेंट मुंडा जनजाति के मुखिया से हुई, जिन्होंने उरांव लोगों की कठिनाईयों को सुनकर उन्हें जंगल के पश्चिमी हिस्से में बसने की अनुमति दी. इस ऐतिहासिक समझौते की स्मृति में उरांव समुदाय के 40 पाड़हा के लोग हर वर्ष इस मेले का आयोजन करते हैं, जिसे मुड़मा जतरा के नाम से जाना जाता है.
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